भारतीय फार्माकोपिया आयोग ने मनाया 5वां राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह 2025 – मरीज सुरक्षा पर जोर

भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) ने 17-23 सितंबर 2025 के बीच 5वां राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह मनाया। इस वर्ष का विषय है "आपकी सुरक्षा, बस एक क्लिक दूर: PvPI को रिपोर्ट करें"। कार्यक्रम का उद्देश्य मरीज सुरक्षा और दवाओं के दुष्प्रभाव (ADR) की रिपोर्टिंग के महत्व पर जागरूकता बढ़ाना है।

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Ashish Pradhan

9/29/20251 min read

5th National Pharmacovigilance Week 2025 organized by Indian Pharmacopoeia Commission (IPC)
5th National Pharmacovigilance Week 2025 organized by Indian Pharmacopoeia Commission (IPC)

भारतीय औषधि संहिता आयोग (IPC) ने 5वां राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह मनाया

भारतीय औषधि संहिता आयोग (IPC) ने 17 से 23 सितंबर 2025 तक आयोजित होने वाले 5वें राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह (NPW) का उद्घाटन किया। इस वर्ष का विषय है: "आपकी सुरक्षा, बस एक क्लिक दूर: PvPI को रिपोर्ट करें"।

यह सप्ताह देशभर में मरीजों की सुरक्षा और दवाओं के दुष्प्रभावों (ADR) की रिपोर्टिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जा रहा है।

मुख्य बिंदु:

उद्घाटन समारोह: 17 सितंबर को भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित उद्घाटन समारोह में डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी, भारत सरकार के औषधि नियंत्रक (DCGI), मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने फार्माकोविजिलेंस के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका और ADR रिपोर्टिंग में वैश्विक स्तर पर शीर्ष योगदान की सराहना की।

नई पहलें: IPC ने इस सप्ताह के दौरान फार्माकोविजिलेंस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कई नई पहलों की शुरुआत की, जिनमें एक शॉर्ट फिल्म, विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित फार्माकोविजिलेंस कॉमिक्स और एक नया ऑनलाइन रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

पुरस्कार वितरण: इस अवसर पर फार्माकोविजिलेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए गए। "PvPI – Patient Safety Excellence Award" महमाना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर, वाराणसी को प्रदान किया गया, जबकि "PvPI – Patient Connect Award" श्री दिली कुमार टी. को विकृतमाला, चित्तूर जिला, आंध्र प्रदेश को दिया गया।

भविष्य की दिशा: डॉ. रघुवंशी ने फार्माकोविजिलेंस के क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों और स्मार्ट इंटीग्रेशन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि फार्माकोविजिलेंस की दिशा में बदलाव की आवश्यकता है, और यह अब मजबूत आधार पर आधारित है, जिससे नीति निर्माण और नियमन की प्रक्रिया में सुधार हो रहा है।

इस सप्ताह के दौरान विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य संगठनों ने भी ADR रिपोर्टिंग के महत्व पर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया।

Disclaimer

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।

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