भारत में मेडिकल शिक्षा का विस्तार: 10,023 नई मेडिकल सीटें और ₹15,034 करोड़ का निवेश
भारत सरकार ने मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत बनाने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। 24 सितम्बर 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 10,023 नई मेडिकल सीटें जोड़ने और ₹15,034 करोड़ निवेश को मंजूरी दी गई। इस फैसले से हर साल हज़ारों नए डॉक्टर तैयार होंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचेगी। मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, नई लैब्स और आधुनिक उपकरणों की सुविधा मिलेगी।
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भारत में मेडिकल शिक्षा का विस्तार – 10,023 नई मेडिकल सीटों की सौगात
भूमिका
भारत सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। 24 सितम्बर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसके तहत सरकार ₹15,034 करोड़ का निवेश कर देशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,023 नई मेडिकल सीटें जोड़ी जाएँगी। यह निर्णय न केवल मेडिकल शिक्षा को मज़बूत करेगा बल्कि आने वाले वर्षों में भारत की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा भी देगा।
क्यों ज़रूरी था यह कदम?
भारत जैसे विशाल देश में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। आज भी हमारे देश में डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानक से पीछे है। ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में डॉक्टरों की कमी स्पष्ट रूप से महसूस की जाती है।
वर्तमान में एक डॉक्टर पर औसतन लगभग 1450 से 1500 लोग निर्भर रहते हैं, जबकि WHO का मानक 1 डॉक्टर प्रति 1000 लोग का है।
मेडिकल सीटें बढ़ने से हर साल हज़ारों नए डॉक्टर तैयार होंगे, जिससे देश के हर कोने तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच पाएँगी।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मिलेगी मज़बूती
अब तक कई राज्यों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या सीमित रही है। सरकार के इस निवेश से न केवल नई सीटें जुड़ेंगी बल्कि मौजूदा सरकारी अस्पतालों और कॉलेजों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।
नई सीटें पहले से चल रहे कॉलेजों में ही जोड़ी जाएँगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, नई लैब्स, आधुनिक उपकरण और स्पेशलाइज्ड विभागों का निर्माण भी इसी परियोजना का हिस्सा होगा।
इससे गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को सरकारी मेडिकल शिक्षा का अवसर आसानी से मिल सकेगा।
ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
अधिकतर नए डॉक्टरों की तैनाती ग्रामीण क्षेत्रों में की जाती है, जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की कमी सबसे अधिक महसूस की जाती है।
नई मेडिकल सीटों का सीधा फायदा छोटे शहरों और गाँवों को होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में कुशल डॉक्टर, नर्स और विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ेगी।
मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों को योग्य चिकित्सक मिलने से मरीजों को बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा।
मेडिकल शिक्षा और रिसर्च में नई संभावनाएँ
मेडिकल सीटों का बढ़ना केवल डॉक्टर तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कदम मेडिकल रिसर्च और इनोवेशन को भी बढ़ावा देगा।
नई पीढ़ी के डॉक्टर नवीन चिकित्सा पद्धतियों और तकनीकी शोध में योगदान देंगे।
देश में कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और जनरल मेडिसिन जैसे क्षेत्रों में रिसर्च को गति मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की छवि और मज़बूत होगी।
युवाओं और छात्रों के लिए बड़ा अवसर
भारत में हर साल लाखों छात्र NEET परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सीटों की कमी के कारण कई योग्य छात्र डॉक्टर बनने का सपना अधूरा छोड़ देते हैं।
इस फैसले से 10,023 अतिरिक्त अवसर मिलेंगे।
छात्रों को अब विदेशों में महँगी मेडिकल पढ़ाई करने की मजबूरी भी कम होगी।
मध्यम वर्ग और ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को कम फीस में MBBS की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
आर्थिक और सामाजिक लाभ
सरकार के इस निवेश का असर केवल स्वास्थ्य सेवाओं पर ही नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था और समाज पर भी पड़ेगा।
मेडिकल सेक्टर में लाखों नई नौकरियाँ पैदा होंगी।
डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य पर्यटन (Medical Tourism) को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्वस्थ नागरिकों से उत्पादकता बढ़ेगी और देश की प्रगति तेज़ होगी।
निष्कर्ष
भारत सरकार का यह निर्णय एक गेम-चेंजर कदम साबित होगा। ₹15,034 करोड़ के निवेश से जुड़ी 10,023 नई मेडिकल सीटें न केवल आने वाले वर्षों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करेंगी बल्कि देश को स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त बनाने में अहम योगदान देंगी।
यह कदम प्रधानमंत्री मोदी की उस दृष्टि का हिस्सा है जिसमें हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
संदर्भ
कैबिनेट बैठक, 24 सितम्बर 2025
भारत सरकार – प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)
अध्यक्षता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।