स्तन कैंसर मरीजों में डिप्रेशन, एंग्जायटी और तनाव – नई स्टडी का बड़ा खुलासा | Depression, anxiety, and stress in breast cancer patients – a major revelation from a new study
एक नई स्टडी के अनुसार, आधी से ज़्यादा स्तन कैंसर (Breast Cancer) मरीज महिलाएं डिप्रेशन, एंग्जायटी और तनाव जैसी मानसिक समस्याओं से जूझ रही हैं। जानें इस शोध के नतीजे, जोखिम कारक और मानसिक स्वास्थ्य के समाधान।
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स्तन कैंसर मरीजों में डिप्रेशन, एंग्जायटी और तनाव की बड़ी समस्या – नई स्टडी का खुलासा
नई दिल्ली। हाल ही में Scientific Reports (अगस्त 2025) में प्रकाशित एक अध्ययन ने चौंकाने वाला सच सामने रखा है। रिसर्च के अनुसार, स्तन कैंसर (Breast Cancer) से जूझ रही आधी से ज़्यादा महिलाएं डिप्रेशन, एंग्जायटी और तनाव जैसी मानसिक बीमारियों से भी पीड़ित हैं।
कितनी आम है यह समस्या?
46% महिलाएं डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रही हैं।
57% को एंग्जायटी (चिंता) है।
52% महिलाएं तनाव (Stress) में हैं।
इसका मतलब है कि कैंसर का शारीरिक बोझ ही नहीं, बल्कि मानसिक दबाव भी मरीजों को गहराई से प्रभावित करता है।
किन मरीजों में ज़्यादा खतरा?
अध्ययन में पाया गया कि कुछ परिस्थितियाँ मानसिक परेशानी का खतरा और बढ़ा देती हैं:
पूरी स्तन हटाने की सर्जरी (Mastectomy) कराने वाली महिलाओं में डिप्रेशन और तनाव अधिक पाया गया।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर मानसिक तनाव दोगुना बढ़ गया।
शहरी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक चिंता और अवसाद से जूझ रही थीं।
परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास न होना भी मानसिक परेशानी का एक जोखिम कारक साबित हुआ।
क्यों है यह चिंता का विषय?
डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याएँ केवल मानसिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि कैंसर उपचार के नतीजों को भी प्रभावित करती हैं। डॉक्टरों का मानना है कि अगर मानसिक स्वास्थ्य पर समय रहते ध्यान दिया जाए तो इलाज की सफलता दर बढ़ सकती है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
क्या करना चाहिए?
कैंसर इलाज में मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counselling) को अनिवार्य बनाया जाए।
मरीजों के लिए सपोर्ट ग्रुप और हेल्पलाइन उपलब्ध कराई जाए।
परिवार और दोस्तों का साथ मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
डॉक्टरों को चाहिए कि कैंसर उपचार के साथ-साथ तनाव और चिंता की नियमित जांच भी करें।
किसने किया अध्ययन?
यह अध्ययन डॉ. अमीर्होसेन हेस्सामी (Amirhossein Hessami), डॉ. एरफ़ान ग़ादिरज़ादेह (Erfan Ghadirzadeh) और उनकी टीम ने किया।
प्रकाशित स्रोत: Scientific Reports, 24 अगस्त 2025
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।