62 देशों में आधे डायबिटीज़ मरीज दवा और इलाज से वंचित – नई स्टडी | Half of diabetes patients in 62 countries lack access to medication and treatment – new study
नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि 62 निम्न और मध्यम आय वाले देशों में आधे से अधिक डायबिटीज़ मरीज दवा और इलाज से वंचित हैं। रिसर्च के अनुसार 51% लोगों को अपनी बीमारी का पता ही नहीं है, जबकि बाकी में भी इंसुलिन और ओरल दवाइयों की सीमित पहुँच है। जानें इस शोध की पूरी जानकारी, इसके खतरे और समाधान।
MEDICAL NEWS


62 देशों में डायबिटीज़ मरीज दवा से वंचित – स्टडी से खुलासा
नई दिल्ली। मधुमेह (Diabetes) को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। हाल ही में Nature Communications (2025) में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय शोध के अनुसार, 62 निम्न और मध्यम आय वाले देशों (Low- and Middle-Income Countries, LMICs) में हर दूसरा डायबिटीज़ मरीज सही इलाज और दवाइयों से वंचित है।
आधे मरीजों को अपनी बीमारी का पता ही नहीं
अध्ययन में पाया गया कि इन देशों में करीब 51% लोग ऐसे हैं जिन्हें डायबिटीज़ है, लेकिन उन्हें इसका पता तक नहीं है। इसका मतलब है कि लाखों लोग बिना निदान और बिना इलाज के बीमारी को झेल रहे हैं।
जिनको पता है, उनमें भी दवा का अभाव
शोध के अनुसार, डायबिटीज़ डायग्नोसिस हो जाने के बाद भी:
18% लोग कोई भी दवा नहीं लेते
57% केवल ओरल मेडिसिन (मुँह से खाने वाली दवा) लेते हैं
19% लोग ओरल दवा + इंसुलिन लेते हैं
जबकि केवल 5% लोग सिर्फ इंसुलिन पर निर्भर हैं।
क्यों है यह चिंता की बात?
डायबिटीज़ कंट्रोल न होने से दिल की बीमारी, किडनी फेल होना, आंखों की रोशनी कम होना और नसों की समस्या जैसी गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं। कम और मध्यम आय वाले देशों में दवाइयों की सीमित पहुँच, महंगी कीमत और स्क्रीनिंग की कमी इस समस्या को और गहरा बना रही है।
शोधकर्ता क्या कहते हैं?
इस रिसर्च का नेतृत्व फेलिक्स टॉयफल (Felix Teufel) और उनकी टीम (Pia Roddewig, Maja E. Marcus, Michaela Theilmann आदि) ने किया। शोधकर्ताओं का कहना है कि “यदि समय रहते स्क्रीनिंग और दवा की पहुँच नहीं बढ़ाई गई, तो आने वाले वर्षों में इन देशों में डायबिटीज़ की वजह से मृत्यु और जटिलताएँ कई गुना बढ़ सकती हैं।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।