Huntington’s Disease and Gene Therapy 2025 | AMT-130 Treatment Brings New Hope
एएमटी-130 जीन थेरेपी 2025 के परीक्षणों में हंटिंगटन रोग की प्रगति को धीमा करने में आशाजनक परिणाम दिखाती है, जिससे दुनिया भर के रोगियों और परिवारों के लिए नई आशा की किरण जगी है।
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हंटिंगटन रोग और जीन थेरेपी: 2025 में नई उम्मीद
हंटिंगटन रोग क्या है?
हंटिंगटन रोग एक अनुवांशिक (genetic) बीमारी है। इसका कारण हमारे शरीर के एक जीन (HTT जीन) में गलती होना है। यह गलती मस्तिष्क की कुछ कोशिकाओं को धीरे-धीरे नुकसान पहुँचाती है।
इसके कारण शरीर में अनियंत्रित हरकतें, याददाश्त में कमी, मूड में बदलाव, और बोलने या खाने में दिक्कतें आती हैं। यह बीमारी आमतौर पर 30–50 साल की उम्र में शुरू होती है और धीरे-धीरे बढ़ती रहती है।
जीन थेरेपी क्या है?
जीन थेरेपी का मतलब है शरीर के उस दोषी जीन को सुधारना या उसके असर को कम करना जो बीमारी पैदा करता है।
AMT-130 जीन थेरेपी: यह सिर्फ एक बार देने वाली थेरेपी है। इसमें छोटा RNA अंश (microRNA) होता है जो हंटिंगटन प्रोटीन को कम करता है। यह प्रोटीन मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाता था, अब इसका असर कम हो जाता है।
2025 में क्या हुआ?
AMT-130 का क्लिनिकल ट्रायल (Phase I/II) किया गया। जिसमे 26 मरीजों ने भाग लिया। इस ट्रायल की अवधि 36 महीने (3 साल) थी।
नतीजे:
बीमारी की रफ्तार धीमी हुई – जो मरीज थे उन्हें कम असर पड़ा।
खून और मस्तिष्क में सुधार दिखा – मस्तिष्क की कोशिकाओं को अब नुकसान कम हुआ।
सुरक्षा – ज्यादातर मरीजों ने थेरेपी को अच्छे से सह लिया, गंभीर दुष्प्रभाव नहीं हुए।
क्यों है यह बड़ी खबर?
अब तक हंटिंगटन रोग में कोई स्थायी इलाज नहीं था। AMT-130 पहली जीन थेरेपी है जिसने बीमारी की गति को धीमा करने के ठोस संकेत दिए हैं। इससे रोगी और उनके परिवारों में नई उम्मीद जगी है।
आम लोगों के लिए फायदे:-
रोग की गति धीमी होने से जीवन बेहतर होगा।
मरीज कम परेशानियों के साथ जीवन जी पाएंगे।
भविष्य में यह थेरेपी अन्य न्यूरोलॉजिकल रोगों में भी मदद कर सकती है।
जीन थेरेपी के लिए क्या है चुनौतियाँ ?
मूल्य: जीन थेरेपी महँगी हो सकती है।
सुलभता: हर जगह इसे उपलब्ध कराना मुश्किल होगा।
दीर्घकालिक असर: अभी यह देखना बाकी है कि 10–15 साल बाद भी असर और सुरक्षा बनी रहेगी या नहीं।
भविष्य की दिशा
भविष्य में यह थेरेपी जल्दी और आसान तरीके से दी जा सकती है।
नए शोधों से यह और सुरक्षित और प्रभावी बनने की संभावना है।
धीरे-धीरे यह हंटिंगटन रोग के मरीजों की जिंदगी बदलने वाला उपाय बन सकता है।
निष्कर्ष
2025 की यह खोज हंटिंगटन रोग में पहली बड़ी सफलता है।
जीन थेरेपी ने दिखाया कि बीमारी को पूरी तरह रोकना अभी मुश्किल है, लेकिन धीमा करना संभव है, और यह मरीजों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।
प्रमुख स्रोत और शोधकर्ता
UniQure Biopharma, Press Release (24 Sept 2025) – AMT-130 topline results
University College London (UCL) Huntington’s Disease Research Centre, 2025
ClinicalTrials.gov (NCT04120493) – AMT-130 clinical trial
Researchers:
Dr. Edward Wild (UCL)
Dr. Sarah Tabrizi (UCL Huntington’s Centre)
Dr. Ricardo Dolmetsch (uniQure)
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।

