जेपी नड्डा की बड़ी घोषणा: अब हर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में खुलेगी AMRIT फार्मेसी, महंगी दवाओं से मिलेगी बड़ी राहत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में AMRIT फार्मेसी खोलने का ऐलान किया। अब महंगी दवाओं पर 30–60% तक राहत मिलेगी और इलाज बीच में रुकने की समस्या कम होगी।
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हर मेडिकल कॉलेज और हर ज़िला अस्पताल में होगी AMRIT फार्मेसी : जेपी नड्डा की बड़ी घोषणा
भारत की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक अहम घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में AMRIT फार्मेसियाँ देश के हर मेडिकल कॉलेज और हर ज़िला अस्पताल में शुरू की जाएँगी, ताकि लोगों को ज़रूरी दवाएँ बहुत कम कीमत में मिल सकें। यह फैसला खासकर उन परिवारों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है जो महंगी दवाओं के कारण अपना इलाज पूरा नहीं कर पाते।
AMRIT फार्मेसी क्या होती है और यह क्यों खास है?
AMRIT का पूरा नाम है—Affordable Medicine and Reliable Implants for Treatment
इसका मतलब है––ऐसी फार्मेसी जहाँ अधिकतर जरूरी दवाएँ और मेडिकल उपकरण आम दुकानों की तुलना में बहुत कम कीमत पर मिलते हैं।
इन दुकानों में मिलने वाली दवाएँ बिल्कुल वही होती हैं जो मार्केट में बिकती हैं, लेकिन सरकार के सहयोग से इनकी कीमतें 30% से 60% तक कम कर दी जाती हैं।
इस वजह से AMRIT फार्मेसी आम लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होती है—खासकर उनकी दवा हर महीने लगती है, जैसे:
डायबिटीज की दवा
हृदय रोग की दवा
कैंसर की दवा
ब्लड प्रेशर की दवा
थायरॉइड की दवा
जेपी नड्डा ने ऐसा क्यों कहा कि हर मेडिकल कॉलेज में AMRIT फार्मेसी होनी चाहिए?
आज भारत में लाखों लोग ऐसी बीमारियों से जूझ रहे हैं जिनमें रोज़ दवा लेनी पड़ती है। उदाहरण के लिए:
डायबिटीज (मधुमेह)
ब्लड प्रेशर (हाईपरटेंशन)
थायरॉइड की समस्या
मोटापा और हार्मोन से जुड़ी बीमारियाँ
कई परिवार हर महीने 2,000–10,000 रुपये तक दवाओं पर खर्च कर देते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री का मानना है कि अगर अस्पतालों में सस्ती दवाएँ आसानी से उपलब्ध होंगी, तो लोगों का बोझ कम होगा और इलाज बीच में रुकने की समस्या भी घटेगी।
इसके अलावा, ज़िला अस्पतालों में AMRIT फार्मेसी खोलने से गाँव और छोटे शहरों के लोगों को भी वह सुविधा मिलेगी जो अभी केवल बड़े शहरों में मिल रही है।
इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा?
1. दवाएँ सस्ती मिलेंगी- कई दवाओं पर 50–80% तक कम कीमत लगती है।
2. अस्पताल के अंदर ही सुविधा- मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
3. लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों में ज्यादा फायदा- जैसे डायबिटीज, कैंसर, BP––इनकी दवाएँ आम दुकानों पर महंगी होती हैं।
4. बुजुर्गों, गरीब परिवारों और ग्रामीण लोगों को ज्यादा राहत- क्योंकि दवा का खर्च कम होने से जीवन आसान होगा।
कैसे बदलेगी सरकारी अस्पतालों की तस्वीर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी अक्सर देखने को मिलती है। कई बार डॉक्टर मरीज को बाहर से दवा खरीदने के लिए कह देते हैं, जो कई लोगों के लिए महंगी होती है।
AMRIT फार्मेसी आने के बाद:
दवाएँ लगातार उपलब्ध होंगी
डॉक्टर–मरीज दोनों को आसानी होगी
इलाज का खर्च कम होगा
अस्पतालों की सुविधा और भरोसा दोनों बढ़ेगा
एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा,
“अब मरीजों को दवा के लिए बाहर भागना नहीं पड़ेगा। AMRIT फार्मेसी से दवाएँ सस्ती भी होंगी और भरोसेमंद भी।”
डायबिटीज और मोटापे जैसी बीमारियों पर बड़ा असर
भारत को आज “डायबिटीज कैपिटल” कहा जाने लगा है। करोड़ों लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं। इसी तरह मोटापा भी बढ़ता जा रहा है, जिससे BP, हार्ट डिज़ीज़ और अन्य समस्याएँ पैदा होती हैं।
कई आधुनिक दवाएँ जैसे:
लिराग्लूटाइड इंजेक्शन (weight loss injection)
GLP-1 दवाएँ
नई डायबिटीज दवाएँ
बहुत महंगी होती हैं और हर दुकान पर नहीं मिलतीं। AMRIT फार्मेसी इन दवाओं को भी कम कीमत में उपलब्ध कराने की कोशिश करती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर यह दवाएँ सस्ती होंगी, तो डायबिटीज और मोटापे के इलाज में बड़ी मदद होगी और अस्पतालों में भीड़ कम होगी क्योंकि मरीज का इलाज समय पर हो जाएगा।
AMRIT फार्मेसी कैसे काम करती है?
1. सरकार और मेडिकल कंपनियाँ मिलकर दवाओं का bulk खरीद करती हैं।
2. खरीद सस्ती होती है, इसलिए मरीज को कम कीमत पर मिलती है।
3. कीमत तय और पारदर्शी होती है––दुकान पर लिस्ट लगी होती है।
4. मरीज को असली दवा मिलती है––गुणवत्ता नियंत्रित रहती है।
इस योजना की कुछ चुनौतियाँ भी हैं
हालाँकि यह योजना बड़ी है, लेकिन इसके बावजूद कुछ चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं:
हर अस्पताल तक आपूर्ति पहुँचाना
दवाओं का स्टॉक बनाए रखना
स्टाफ की ट्रेनिंग
दूरदराज़ इलाकों में सप्लाई चेन मजबूत बनाना इत्यादि।
इसके बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि सही योजना और निगरानी से यह प्रोजेक्ट पूरे देश के लिए उपयोगी साबित होगा।
जेपी नड्डा की घोषणा का बड़ा असर क्या होगा?
अगर योजना पूरी तरह लागू हो गई तो:
हर भारतीय को सस्ती दवा मिलेगी
इलाज बीच में रुकने की समस्या घटेगी
गरीब परिवारों का आर्थिक बोझ कम होगा
स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत होंगी
भारत का स्वास्थ्य स्तर बेहतर होगा
यह कदम भारत को “किफायती उपचार वाला देश” बनाने में मदद करेगा।
निष्कर्ष
जेपी नड्डा की यह घोषणा सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की जिंदगी बदलने वाला कदम है। AMRIT फार्मेसी एक भरोसेमंद व्यवस्था है जो दवाओं की कीमत को कम कर लोगों को राहत देती है।
हर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में AMRIT फार्मेसी शुरू होने से—
दवाएँ सस्ती होंगी
इलाज आसान होगा
मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेंगे
आम भाषा में कहा जाए तो: “अब दवा महंगी नहीं पड़ेगी, और इलाज हर किसी की पहुँच में होगा।”
यह कदम भारत को एक स्वस्थ, सुरक्षित और न्यायपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली की ओर ले जाता है।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। और न ही निवेश की सलाह है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।