Pfizer और अमेरिकी सरकार का ऐतिहासिक समझौता: दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती | Pfizer and the US government reach a historic agreement: significant drug price reductions

Pfizer ने अमेरिकी सरकार के साथ ऐतिहासिक समझौता किया। इस डील से अमेरिकी मरीजों के लिए दवाओं की कीमतों में 50–85% तक की कमी संभव।

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Ashish Pradhan

10/1/20251 min read

Pfizer और अमेरिकी सरकार के बीच दवाओं की कीमतों में कटौती समझौते पर न्यूज़ थंबनेल – अमेरिकी झंडा, दवा
Pfizer और अमेरिकी सरकार के बीच दवाओं की कीमतों में कटौती समझौते पर न्यूज़ थंबनेल – अमेरिकी झंडा, दवा

Pfizer ने अमेरिकी सरकार के साथ ऐतिहासिक समझौता किया: अमेरिकी मरीजों के लिए दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती
प्रस्तावना

दवाओं की ऊँची कीमतें—यह समस्या विश्व भर में चिकित्सा और सामाजिक न्याय की बड़ी चुनौतियों में से एक है। अमेरिका में विशेष रूप से, ब्रांडेड दवाओं की कीमतें अन्य विकसित राष्ट्रों की तुलना में बहुत अधिक हैं।

इस पृष्ठभूमि में, Pfizer नामक दवा कंपनी और अमेरिकी सरकार के बीच एक नया समझौता हुआ है, जो अमेरिकी मरीजों के लिए दवाओं की कीमतों को कम करने का वादा करता है। इस लेख में हम इस समझौते की पृष्ठभूमि, प्रमुख बिंदु, संभावित प्रभाव, आलोचनाएँ एवं चुनौतियाँ, और आगे की राह का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।

पृष्ठभूमि
दवाओं की उच्च कीमतों का स्वभाव

अमेरिका में ब्रांडेड दवाओं की कीमतें कई देशों की तुलना में तीन गुना तक अधिक पाई जाती हैं। यह अंतर मुख्यतः इस कारण है कि अमेरिकी बाज़ार में सरकार द्वारा पेश किये जाने वाले दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण कम है, और दवा कंपनियाँ अधिक लाभ मार्जिन खोजने की प्रत्याशा में कीमतें ऊँची रखती हैं।

सरकार, बीमा कंपनियाँ और अन्य दवा खरीदार (जैसे Medicaid) अक्सर छूट, रिबेट (छूट वापसी) और सौदों के माध्यम से कम कीमत प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। लेकिन इन छूटों और रिबेटों के बावजूद, आम नागरिकों को दवाओं के लिए भारी भुगतान करना पड़ता है।

नीति दबाव एवं राष्ट्रपति की पहल

राष्ट्रपति ट्रम्प (Donald Trump) ने मई 2025 में एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) जारी किया, जिसमें दवा कंपनियों को यह निर्देश दिया गया कि वे अमेरिका में दवाओं की कीमतों को उन कीमतों के बराबर ले आएँ जो अन्य विकसित देशों में दे रही हैं। जुलाई 2025 में राष्ट्रपति ने 17 बड़ी दवा कंपनियों को पत्र भेजे और उन्होंने 29 सितंबर तक दवाओं की कीमतों में कटौती के प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा था।

इस दबाव के मद्देनज़र, Pfizer और अमेरिकी सरकार ने एक समझौता किया है, जिसे कई लोग “ऐतिहासिक” और “मार्गदर्शक” करार दे रहे हैं।

समझौते के मुख्य बिंदु

Pfizer और अमेरिकी सरकार के बीच यह समझौता कई अहम प्रावधानों पर आधारित है। निम्नलिखित बिंदु इसका सार प्रस्तुत करते हैं:

1. दवाओं की कीमतों में औसत 50% की कटौती और उच्चतम 85% तक की बचत

समझौते के अनुसार, Pfizer की अधिकांश प्राथमिक देखभाल (primary care) दवाएँ और कुछ विशेष (specialty) ब्रांडें एक नई खरीद मंच (direct purchasing platform) TrumpRx.gov पर उपलब्ध होंगी। इन दवाओं पर औसतन 50% की छूट होगी, और कुछ मामलों में 85% तक की बचत होगी।

2. Most-Favored-Nation (MFN) मूल्य निर्धारण

इस व्यवस्था के तहत, Pfizer की दवाओं को Medicaid कार्यक्रमों को उन देशों में मिलने वाली सबसे अधिक-अनुकूल कीमत (lowest price paid in other developed nations) पर बेचा जाएगा। इसके अलावा, नई लॉन्च होने वाली दवाओं की कीमत भी अन्य विकसित देशों के समान रखी जाएगी।

3. TrumpRx.gov – प्रत्यक्ष-खरीद प्लेटफ़ॉर्म

अमेरिकी सरकार एक प्लेटफ़ॉर्म बना रही है — TrumpRx.gov — जिसके माध्यम से नागरिक सीधे Pfizer से दवाएँ खरीद सकेंगे, बिचौलियों को हटाकर। यह पहल उस उम्मीद पर आधारित है कि इससे दवाओं की कीमत सीधे ग्राहक तक कम हो जाएँ।

4. तीन वर्ष का टैरिफ छूट अवधि

समझौते के अंतर्गत, Pfizer को तीन वर्षों के लिए उन टैरिफों (आयात शुल्क) से राहत दी जाएगी जो Section 232 (राष्ट्रीय सुरक्षा आयात समीक्षा) के अंतर्गत हो सकते थे, बशर्ते कि Pfizer अमेरिका में उत्पादन एवं निर्माण में निवेश जारी रखे।

5. $70 बिलियन निवेश

Pfizer ने यह वादा किया है कि वह अगले वर्षों में अमेरिकी अनुसंधान (R&D), निर्माण और पूँजीगत परियोजनाओं में लगभग $70 बिलियन का निवेश करेगा।

6. गोपनीयता & शर्तें

समझौते की कई शर्तें और विवरण अभी गुप्त (confidential) रखे गए हैं, जैसे कि दवाओं की कौन-कौन सी ब्रांडें शामिल होंगी, छूट की वास्तविक दर क्या होगी, और विपणन एवं वितरण की संरचना कैसी होगी।

इस समझौते की संभावित सकारात्मक प्रभाव

यह समझौता यदि सही मायने में लागू हो जाए, तो इसके परिणामस्वरूप निम्नलिखित सकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं:

1. मरीजों की जेब पर बोझ कम होगा

उन रोगियों को राहत मिलेगी जो महंगी दवाएँ लेने में असमर्थ थे। विशेष रूप से Medicaid अधीन लोगों के लिए, दवाओं की अधिक सुलभता संभव है।

2. राज्य एवं संघीय सरकारी खर्च में कमी

Medicaid कार्यक्रमों पर दवाओं की लागत काफी होती है। यदि दवाओं की कीमतें गिरेंगी, तो सरकारों को बचत होगी और स्वास्थ्य बजट में सुधार संभव है।

3. उत्पादन में वृद्धि एवं स्थानीय नौकरियाँ

Pfizer द्वारा अमेरिका में निवेश बढ़ाए जाने के वादे से स्थानीय विनिर्माण का विकास हो सकता है, जिससे रोजगार और उद्योग वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।

4. अंतरराष्ट्रीय मूल्य समानता (Price Parity)

अमेरिका और अन्य विकसित देशों में दवाओं की कीमतों के बीच की खाई कम हो सकती है। इससे यह तर्क कमजोर होगा कि अमेरिकी उपभोक्ता अन्य देशों को “सब्सिडाइज़” कर रहे हैं।

5. प्रतिक्रिया स्वरूप अन्य कंपनियों की भागीदारी

यदि यह मॉडल सफल होता है, तो अन्य दवा कंपनियाँ भी इस तरह के समझौते की ओर आकर्षित हो सकती हैं, जिससे समग्र दवा बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।

आलोचनाएँ, चुनौतियाँ एवं सावधानियाँ

हालाँकि यह समझौता महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसके सामने कई विवाद और चुनौतियाँ भी हैं। नीचे प्रमुख बिंदुओं का विश्लेषण प्रस्तुत है:

1. गोपालनीय शर्तों की अनिश्चितता

समझौते की बहुत सी शर्तें अभी गोपनीय हैं। छूट की वास्तविक दर, लागू दवाओं की सूची, वितरण व्यवस्था आदि पर चयनात्मक जानकारी उपलब्ध है। यह पारदर्शिता की कमी है।

2. Medicaid ही शामिल — Medicare और अन्य कार्यक्रम बाहर

यह समझौता मुख्य रूप से Medicaid कार्यक्रमों को लक्षित करता है, न कि Medicare (बूढ़े व विकलांगों के लिए) या निजी बीमा कार्यक्रमों को। यदि अन्य प्रमुख कार्यक्रम शामिल न हों, तो आम नागरिकों तक लाभ पहुँचना सीमित रह सकता है।

3. छूट पहले से ही दी जाती हैं — सीमित अतिरिक्त लाभ

विश्लेषकों का तर्क है कि Medicaid को पहले ही बहुत बड़ी छूट (rebates) मिलती हैं, और इसलिए इस हस्ताक्षरित कटौती से अपेक्षित अतिरिक्त लाभ कम हो सकते हैं।

4. न्यायसंगत वितरण एवं दुरुपयोग

प्रत्यक्ष-खरीद मंच (TrumpRx) को यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि उसके वितरण और लॉजिस्टिक्स विश्वसनीय हों। यदि नियंत्रण न हो, तो दुरुपयोग या आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) बाधाओं का सामना करना पड़ेगा।

5. उच्च दवाओं की लागत बनाए रखना

कुछ जटिल, अनूठी या विशेष दवाएँ (specialty drugs, जैव-उपद्रवित दवाएँ) इस समझौते से बाहर रह सकती हैं, क्योंकि उनकी विकास लागत बहुत अधिक होती है। छूट की सीमा हेतु भी कंपनी को संतुलन बनाना पड़ेगा।

6. रणनीतिक मूल्य समायोजन

दवा कंपनियाँ अन्य देशों में कीमतों को बढ़ाकर अमेरिकी छूट की भरपाई कर सकती हैं। इस बात की संभावना है कि अन्य विकसित देशों को दवाओं की कीमतें बढ़ानी पड़ें।

7. आगे की कानूनी एवं नीति चुनौतियाँ

किसी भी प्रतिस्पर्धा कानून, बौद्धिक संपत्ति (IP) नियम, दवा विनियमन और न्यायालय हस्तक्षेप की चुनौतियाँ हो सकती हैं। समझौते के शासकीय अधिप्रमाणन (statutory approval) और कानूनी वैधता भी परीक्षण में आ सकती है।

आगे की राह: संभावनाएँ और विचार

यह समझौता एक प्रारंभ है, न कि अंत। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए निम्न रणनीतियाँ और विचार महत्वपूर्ण होंगे:

1. पारदर्शिता बढ़ाना

Pfizer और सरकार को शर्तों, दवाओं की सूची, छूट की दर और वितरण योजनाओं को सार्वजनिक करना चाहिए। इससे विश्वास बढ़ेगा और आलोचनाओं का सामना कम होगा।

2. सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का समावेश

Medicaid के अतिरिक्त Medicare और निजी बीमा कार्यक्रमों को भी इस व्यवस्था में लाना चाहिए, ताकि व्यापक लाभ हो सके।

3. अन्य दवा कंपनियों को प्रेरित करना

यदि यह मॉडल सफल रहा, तो अन्य बड़ी दवा कंपनियों को भी इस तरह के समझौतों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

4. उत्पादन एवं वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करना

अमेरिका में उत्पादन सुविधाओं को बढ़ाना, इस बात को सुनिश्चित करना कि दवाएँ दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँच सकें — यह कदम महत्वपूर्ण होंगे।

5. मूल्य निगरानी एवं समीक्षा तंत्र

एक स्वतंत्र निकाय द्वारा मूल्य परिवर्तन, दवा उपलब्धता, मरीजों की पहुंच आदि की समीक्षा होनी चाहिए। यदि कोई समस्या हो, तो त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।

6. अंतरराष्ट्रीय दबाव एवं प्रतिक्रिया सामंजस्य

अन्य देशों में दवाओं की कीमतों पर दबाव न बने — अंतरराष्ट्रीय समन्वय और वार्ता आवश्यक है, ताकि वैश्विक असंतुलन न बढ़े।

निष्कर्ष

Pfizer और अमेरिकी सरकार का यह समझौता अमेरिकी स्वास्थ्य नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। यह कदम उन लाखों मरीजों के लिए आशा लेकर आया है जो महंगी दवाओं के बोझ तले दबे हुए थे।

यदि यह सफलतापूर्वक और निष्पक्ष रूप से लागू हो जाए, तो यह न केवल अमेरिकी नागरिकों को लाभ दे सकता है, बल्कि दुनिया भर में दवा मूल्य निर्धारण की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।

लेकिन, यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि यह एक चुनौती पूर्ण प्रक्रिया है। गोपनीय शर्तों, लागू दवाओं की चयन, वितरण प्रणाली, ब्रांड एवं विशेष दवाओं की व्याख्या, और कानूनी बाधाओं जैसी चुनौतियाँ इस राह में आगे हैं। भविष्य में यह देखा जाना है कि इस पहल को कितनी तत्परता, पारदर्शिता और आर्थिक-नीति संतुलन के साथ लागू किया जाता है।

स्रोत (References):

1. Pfizer Press Release: “Pfizer Reaches Landmark Agreement with U.S. Government to Lower Drug Costs for American Patients”

Disclaimer

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।

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