Corona Remedies का ₹655 करोड़ IPO 8 दिसंबर से: प्राइस बैंड ₹1,008–₹1,062 तय—क्या आम निवेशकों को इसमें मौका मिलेगा?
Corona Remedies का ₹655 करोड़ IPO 8 दिसंबर 2025 को खुलेगा। कंपनी chronic disease दवाओं में मजबूत है। निवेशकों के लिए फायदे, जोखिम और पूरी रणनीति समझें।
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Corona Remedies का ₹655 करोड़ IPO 8 दिसंबर से: प्राइस बैंड, तारीखें और निवेशकों के लिए पूरी जानकारी
भारतीय फार्मा सेक्टर में एक नया अवसर सामने आने जा रहा है। गुजरात स्थित दवा कंपनी Corona Remedies Limited अपना ₹655.37 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लेकर आ रही है।
यह IPO 8 दिसंबर 2025 को खुलेगा और 10 दिसंबर 2025 को बंद होगा। कंपनी ने इसके लिए प्राइस बैंड ₹1,008 से ₹1,062 प्रति शेयर तय किया है।
यह खबर न केवल निवेशकों बल्कि आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि Corona Remedies ऐसी दवाएँ बनाती है जो diabetes, cholesterol, obesity, heart disease, gastric समस्याएँ और कई chronic बीमारियों में व्यापक रूप से उपयोग होती हैं।
इस लेख में हम Corona Remedies के IPO को बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि कंपनी क्या करती है, IPO क्यों ला रही है, पैसा कहाँ लगेगा, निवेशकों के लिए क्या फायदे हैं, जोखिम क्या हैं और यह IPO भारतीय बाजार के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
Corona Remedies IPO: महत्वपूर्ण तारीखें और विवरण
प्रमुख तिथियां
IPO खुलने की तारीख: 8 दिसंबर 2025
IPO बंद होने की तारीख: 10 दिसंबर 2025
Allotment की तारीख: 11 दिसंबर 2025
लिस्टिंग की तारीख: 15 दिसंबर 2025 (अनुमानित)
लिस्टिंग: BSE और NSE दोनों पर
IPO का आकार और मूल्य निर्धारण
कुल राशि: ₹655.37 करोड़
प्राइस बैंड: ₹1,008 - ₹1,062 प्रति शेयर
Lot Size: 14 शेयर
न्यूनतम निवेश (Retail): ₹14,868
IPO का प्रकार: पूर्णतः Offer for Sale (OFS)
शेयरों की संख्या: 61,71,101 इक्विटी शेयर
Face Value: ₹10 प्रति शेयर
Book Running Lead Managers
JM Financial Limited
IIFL Capital Services Limited
Kotak Mahindra Capital Company Limited
Registrar
Bigshare Services Private Limited
Corona Remedies: कंपनी का परिचय
Corona Remedies Limited की स्थापना अगस्त 2004 में हुई थी। यह एक India-focused ब्रांडेड फार्मास्युटिकल फॉर्मुलेशन कंपनी है जो दवाओं के विकास, निर्माण और मार्केटिंग में कार्यरत है।
मुख्य थेरेपेटिक क्षेत्र
कंपनी निम्नलिखित चिकित्सीय क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखती है:
Women's Healthcare (महिला स्वास्थ्य): गर्भावस्था, बांझपन और मेनोपॉज संबंधित उपचार
Cardio-Diabeto (हृदय और मधुमेह): कार्डियोवैस्कुलर रोग और डायबिटीज की दवाएं
Pain Management (दर्द प्रबंधन): विभिन्न प्रकार के दर्द निवारक
Urology (मूत्र विज्ञान): मूत्र प्रणाली संबंधी समस्याओं का उपचार
Multispecialty: विटामिन, मिनरल, पोषण, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और रेस्पिरेटरी
उत्पाद पोर्टफोलियो
जून 2025 तक कंपनी के पास 71 ब्रांड्स थे, जिनमें से 27 "engine brands" घरेलू बिक्री का 72.34% योगदान देते हैं। Chronic और sub-chronic थेरेपी घरेलू बिक्री का 70.10% हिस्सा है।
बाजार में स्थिति
Corona Remedies भारतीय फार्मास्युटिकल मार्केट (IPM) में MAT जून 2024 से MAT जून 2025 के बीच सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली शीर्ष 30 IPM कंपनियों में से एक है, जिसकी CAGR 13.58% रही जबकि IPM की CAGR 7.90% थी।
MAT जून 2022 से MAT जून 2025 के बीच कंपनी दूसरी सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली शीर्ष 30 IPM कंपनी रही, जिसकी CAGR 16.77% रही।
वितरण नेटवर्क और विनिर्माण सुविधाएं
पैन-इंडिया उपस्थिति
कंपनी के पास 2,671 मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स का नेटवर्क है जो 22 राज्यों में फैला हुआ है। यह व्यापक नेटवर्क डॉक्टरों, अस्पतालों और स्वास्थ्य पेशेवरों के साथ प्रभावी जुड़ाव सुनिश्चित करता है।
विनिर्माण क्षमता
कंपनी की दो manufacturing facilities हैं - एक गुजरात में (Bhayla) और दूसरी हिमाचल प्रदेश में (Solan), जिनकी संयुक्त स्थापित क्षमता 1,285.44 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष है।
कंपनी के पास 11 उत्पादन लाइनें हैं जो जटिल निर्माण प्रक्रियाओं और विभिन्न दवा वितरण प्रणालियों को संभालने में सक्षम हैं।
बाजार में नेतृत्व
Corona Remedies addressable market में महिला स्वास्थ्य में 6वें, दर्द प्रबंधन में 5वें, यूरोलॉजी में 9वें और कार्डियो-डायबेटो में 22वें रैंक पर है।
वित्तीय प्रदर्शन: मजबूत वृद्धि की कहानी
वार्षिक प्रदर्शन (FY 2024-25)
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने ₹1,202.35 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो FY 2024 के ₹1,020.93 करोड़ से बढ़ा है। कंपनी का मुनाफा FY 2025 में ₹149.43 करोड़ रहा, जबकि FY 2024 में यह ₹90.50 करोड़ था।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि:
Revenue में वृद्धि: लगभग 18% (Year-on-Year)
Profit में वृद्धि: लगभग 65% (Year-on-Year)
तिमाही प्रदर्शन (Q1 FY26)
जून 2025 को समाप्त तीन महीनों में कंपनी ने ₹346.54 करोड़ का रेवेन्यू और ₹46.2 करोड़ का PAT दर्ज किया।
IPO का प्रकार: Offer for Sale
यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि Corona Remedies का IPO पूरी तरह से Offer for Sale (OFS) है। इसका मतलब है कि कंपनी को IPO से कोई राशि प्राप्त नहीं होगी, बल्कि यह राशि Selling Shareholders को जाएगी।
भारत में Diabetes और Chronic Diseases: बढ़ता बाजार
Corona Remedies के बिजनेस मॉडल को समझने के लिए भारत में chronic diseases, विशेष रूप से diabetes और obesity की स्थिति को समझना जरूरी है।
Diabetes की स्थिति
International Diabetes Federation के अनुसार, 2024 में भारत में अनुमानित 89.8 मिलियन वयस्क (20-79 वर्ष) डायबिटीज के साथ जी रहे थे, जो 10.5% की वृद्धि दर दर्शाता है।
यह आंकड़ा 2045 तक 134 मिलियन से अधिक होने का अनुमान है यदि वर्तमान प्रवृत्तियां जारी रहती हैं।
भारत में 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वयस्कों में राष्ट्रीय diabetes वृद्धि दर 19.8% है।
शहरी-ग्रामीण विभाजन
शहरी diabetes वृद्धि दर (30.0%) ग्रामीण वृद्धि दर (15.0%) से लगभग दोगुनी है।
Obesity और Overweight
भारत में abdominal obesity की वृद्धि दर लगभग 45.2% है। Overweight वाली आबादी में diabetes की वृद्धि दर 24.7% है, और Obesity वाली आबादी में यह 34.6% है।
बाजार की संभावनाएं
ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि भारत में diabetes और संबंधित chronic diseases का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत आनुवंशिक कारकों, तेजी से शहरीकरण, बदलते आहार और घटती शारीरिक गतिविधि के "perfect storm" का सामना कर रहा है।
Corona Remedies की रणनीति और विकास योजनाएं
Middle of the Pyramid फोकस
कंपनी की सफलता का कारण "middle of the pyramid" बाजार खंड पर फोकस करना है, specialists और super-specialist डॉक्टरों पर मजबूत पकड़ और शहरी तथा अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मार्केटिंग और वितरण कर्मियों की रणनीतिक उपस्थिति।
Engine Brands रणनीति
कंपनी की 71 brands में से 27 "engine brands" हैं जो घरेलू बिक्री का सबसे बड़ा हिस्सा उत्पन्न करती हैं। यह focused approach कंपनी को अपने संसाधनों को high-performing products पर केंद्रित करने में मदद करती है।
अधिग्रहण और विस्तार
2025 में Corona Remedies ने भारत में Bayer के फार्मास्युटिकल डिवीजन से सात प्रमुख ब्रांड्स का अधिग्रहण किया, जिससे कार्डियोलॉजी और महिला स्वास्थ्य क्षेत्रों में उसकी उपस्थिति मजबूत हुई।
निवेश के लिए कंपनी की ताकत
1. तेज वृद्धि दर
कंपनी की domestic sales में 16.77% की CAGR है, जो industry average से काफी अधिक है।
2. Chronic Diseases पर फोकस
Chronic और sub-chronic therapies 20.48% की CAGR से बढ़ रही हैं। ये long-term recurring revenue का स्रोत हैं।
3. मजबूत वितरण नेटवर्क
22 राज्यों में 2,671 medical representatives का नेटवर्क market penetration सुनिश्चित करता है।
4. Good Manufacturing Practices
कंपनी की quality और current Good Manufacturing Practices-focused manufacturing facilities मजबूत R&D क्षमताओं के साथ हैं।
5. अनुभवी प्रबंधन
कंपनी के प्रमोटर्स हैं: Dr. Kirtikumar Laxmidas Mehta, Niravkumar Kirtikumar Mehta और Ankur Kirtikumar Mehta।
निवेश से जुड़े जोखिम
किसी भी निवेश की तरह, Corona Remedies के IPO में भी कुछ जोखिम हैं:
1. प्रतिस्पर्धा
भारतीय फार्मा सेक्टर अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है। Sun Pharma, Cipla, Alkem, Abbott India, और Mankind Pharma जैसी बड़ी कंपनियां इसी segment में काम करती हैं।
2. OFS का प्रभाव
चूंकि यह पूरी तरह से Offer for Sale है, कंपनी को expansion के लिए कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी।
3. Regulatory Challenges
फार्मा उद्योग highly regulated है। नई दवाओं के लिए मंजूरी मिलना समय लेने वाला और महंगा हो सकता है।
4. Raw Material Cost
API (Active Pharmaceutical Ingredients) की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के margins को प्रभावित कर सकता है।
5. Market Volatility
IPO की pricing और listing performance बाजार की स्थितियों पर निर्भर करता है।
Peer Comparison: तुलनात्मक विश्लेषण
Corona Remedies की तुलना निम्नलिखित कंपनियों से की जा सकती है:
Abbott India Ltd
Alkem Laboratories Ltd
ERIS Lifesciences Ltd
GlaxoSmithKline Pharmaceuticals Ltd
J B Chemicals & Pharmaceuticals Ltd
Mankind Pharma Ltd
Pfizer Ltd
Sanofi India Ltd
कंपनी की growth rate (16.77%) peers की 5-10% growth rate से अधिक है, लेकिन scale में यह छोटी है।
निवेशकों के लिए सुझाव
किसे निवेश करना चाहिए?
1. Long-term निवेशक: जो 2-5 साल तक निवेश रख सकते हैं।
2. Pharma sector में विश्वास रखने वाले: जो भारत के healthcare sector की growth story में विश्वास करते हैं।
3. Moderate risk appetite वाले: जो calculated risk ले सकते हैं।
किसे सावधान रहना चाहिए?
1. Short-term traders: Aggressive valuation के कारण quick gains संभव नहीं हैं।
2. Risk-averse निवेशक: OFS structure और market volatility को समझें।
3. Portfolio diversification चाहने वाले: पहले से pharma stocks रखने वालों को diversification पर विचार करना चाहिए।
IPO में कैसे Apply करें?
Application Methods
ASBA through Net Banking: अपने बैंक के net banking के माध्यम से
UPI through Brokers: स्टॉक ब्रोकर्स जैसे Zerodha, Upstox, Groww के माध्यम से
Offline: स्टॉक ब्रोकर के पास offline फॉर्म भरकर
Application Categories
Retail Investors: 35% quota
QIB (Qualified Institutional Buyers): 50% quota
HNI (High Net Worth Individuals): 15% quota
Minimum Investment
Retail: 1 lot (14 shares) = ₹14,868
Small NII (sNII): 14 lots (196 shares) = ₹2,08,152
Big NII (bNII): 68 lots (952 shares) = ₹10,11,024
वैल्यूएशन और P/E Ratio
Corona Remedies का P/E ratio लगभग 43.47x है, जो:
Abbott India (54.28x) और Mankind Pharma (54.17x) से कम है
Alkem Labs (32.96x) से अधिक है
यह valuation moderate माना जा सकता है।
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Expert Views और Market Sentiment
विशेषज्ञों की राय
फार्मा sector के विश्लेषकों का मानना है कि Corona Remedies chronic disease segment में अपनी मजबूत स्थिति के कारण long-term growth potential रखती है।
कंपनी की 16.77% की revenue CAGR और 41.32% की ROCE (Return on Capital Employed) इसकी operational efficiency को दर्शाती है।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि:
Valuation aggressive है (43.47x P/E)
Short-term gains सीमित हो सकते हैं
यह 2-5 साल के निवेश के लिए उपयुक्त है
Grey Market Premium (GMP)
5 दिसंबर 2025 तक Corona Remedies का GMP ₹365 था। यह positive market sentiment का संकेत है, हालांकि GMP गारंटी नहीं है।
3 दिसंबर 2025 को unlisted shares ₹1,122 पर trade कर रहे थे, जो upper price band से ₹60 या 5.65% premium दर्शाता है।
निष्कर्ष: निवेश निर्णय के लिए मुख्य बिंदु
Corona Remedies का IPO भारतीय pharma sector में एक interesting opportunity प्रस्तुत करता है। कंपनी की मुख्य strengths हैं:
Positive Factors:
Industry average से तेज growth rate
Chronic diseases के बढ़ते market में strong positioning
Pan-India distribution network
Diverse product portfolio
Good manufacturing practices और quality focus
Caution Points:
पूर्णतः Offer for Sale (कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी)
Intense competition in pharma sector
Regulatory और raw material cost risks
Smaller scale compared to established players
अंतिम सलाह
निवेश करने से पहले:
अपने financial advisor से परामर्श लें
कंपनी का Red Herring Prospectus (RHP) पढ़ें
अपने risk appetite और investment horizon को assess करें
Diversification को ध्यान में रखें
केवल वही राशि निवेश करें जिसे आप जोखिम में डाल सकते हैं
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। Past performance भविष्य के परिणामों की गारंटी नहीं है।
Sources:
Corona Remedies Red Herring Prospectus (RHP)
BSE और NSE official filings
International Diabetes Federation (IDF) Diabetes Atlas
The Lancet Global Health
Scientific Reports
Company website: coronaremedies.com
(नोट: यह विश्लेषण उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।)