ग्रीन मेडिटेरेनियन डायट: क्या पौधे-आधारित पोषण से दिमाग़ की उम्र सच में धीमी हो सकती है?
नए अध्ययन से खुलासा — हरी चाय, मंकाई पौधा और पौधे-आधारित ग्रीन मेडिटेरेनियन डायट मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की रफ्तार को धीमा कर सकती है।
HEALTH TIPS


क्या “ग्रीन मेडिटेरेनियन डायट” वाक़ई दिमाग़ की उम्र बढ़ने को रोक सकती है?
जानिए — हरी चाय, मंकाई पौधा और पौधे-आधारित पोषण से कैसे धीमा हो सकता है ब्रेन-एजिंग का सफर
आखिर क्यों हमारा मस्तिष्क जल्दी बूढ़ा हो रहा है — और इसे कैसे रोका जा सकता है?
जब हम उम्र बढ़ने की बात करते हैं, तो चेहरे की झुर्रियों या जोड़ों के दर्द की चिंता पहले होती है, लेकिन सबसे पहले बूढ़ा होता है हमारा दिमाग़।
दुनिया-भर में हो रहे शोध बताते हैं कि मस्तिष्क की जैविक उम्र (Biological Brain Age) अक्सर हमारी असली उम्र से कई साल आगे निकल जाती है — इसकी वजह है सूजन, तनाव, मोटापा, डायबिटीज़ और असंतुलित खान-पान।
इसी संदर्भ में एक नया अध्ययन इज़राइल के शोधकर्ताओं ने किया, जिसमें यह देखा गया कि यदि हम अपनी प्लेट को थोड़ा “हरा” बना दें — यानी हरी चाय, मंकाई (Mankai) नामक पौधा और पॉलीफेनॉल्स से भरपूर खाद्य शामिल करें — तो शायद मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की रफ्तार धीमी हो सकती है।
“ग्रीन मेडिटेरेनियन डायट” आखिर क्या है — और इसमें क्या नया है?
सामान्य मेडिटेरेनियन डायट में जैतून तेल, मछली, फल-सब्ज़ियाँ और नट्स शामिल होते हैं, लेकिन इसकी “ग्रीन” विविधता में और भी अधिक पौधे-आधारित प्रोटीन, हरी चाय और मंकाई जोड़ी गई है। यही ग्रीन मेडिटेरेनियन डायट (Green-MED Diet) कहलाती है — यानी वह आहार जो न सिर्फ हृदय के लिए बल्कि मस्तिष्क के लिए भी सुरक्षात्मक हो सकता है।
शोध में तीन समूहों को परखा गया —
सामान्य आहार लेने वाले,
पारंपरिक मेडिटेरेनियन डायट वाले,
और तीसरे — “ग्रीन-MED” अपनाने वाले।
तीसरे समूह में सबसे अधिक सुधार देखा गया, खासकर उन बायोमार्कर्स में जो मस्तिष्क की उम्र बढ़ने से जुड़े हैं।
क्या मंकाई (Mankai) सच में सुपर-फूड है — और इसे हम क्यों अपनाएँ?
मंकाई एक जलीय पौधा है जिसे “डकवीड” भी कहा जाता है। यह पौधा पौधे-आधारित प्रोटीन, आयरन, विटामिन B12, ओमेगा-3 फैटी एसिड और पॉलीफेनॉल्स का समृद्ध स्रोत है।
हरी चाय और मंकाई दोनों में एंटी-ऑक्सिडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व होते हैं, जो मस्तिष्क कोशिकाओं पर उम्र बढ़ने के असर को कम कर सकते हैं।
यानी यह सिर्फ “डाइट ट्रेंड” नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से समर्थित पौधा-आधारित पोषण मॉडल है।
क्या सच में यह आहार दिमाग़ की जैविक उम्र घटाता है?
DIRECT-PLUS नामक अध्ययन (2025) में 300 से अधिक प्रतिभागियों को 18 महीनों तक ट्रैक किया गया। MRI स्कैन और रक्त-परीक्षण से यह पता चला कि ग्रीन-MED डायट समूह में मस्तिष्क-उम्र से जुड़े दो प्रमुख प्रोटीन — Galectin-9 और Decorin — का स्तर गिर गया, जो मस्तिष्क-वृद्धि की गति से सीधे जुड़े हैं।
इसका अर्थ है: जो लोग ग्रीन मेडिटेरेनियन डायट अपना रहे थे, उनके मस्तिष्क की “जैविक उम्र” दूसरों की तुलना में धीमी रही।
क्या यह आहार सिर्फ मस्तिष्क के लिए है — या पूरे शरीर पर असर डालता है?
नहीं, इसका लाभ बहुआयामी है।
यह आहार सूजन घटाता है, ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है, वजन कम करता है और डायबिटीज़ के जोखिम को घटाता है।
जब ग्लूकोज़ संतुलित रहता है, तो न्यूरॉन्स को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है, जिससे याददाश्त, ध्यान-क्षमता और सीखने की शक्ति मजबूत होती है।
इस तरह, यह आहार एक साथ “वज़न कम करने”, “डायबिटीज़ नियंत्रण” और “ब्रेन एजिंग धीमा करने” — तीनों मोर्चों पर असर दिखाता है।
क्या सिर्फ हरी चाय पीने से भी फर्क पड़ेगा?
हरी चाय (Green Tea) में मौजूद पॉलीफेनॉल्स — जैसे EGCG (एपिगैलोकैटेचिन गैलेट) — मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं। शोध में प्रतिभागियों को प्रतिदिन 3-4 कप हरी चाय दी गई थी, और इससे उनके मेटाबॉलिक प्रोफाइल में सुधार देखा गया।
अगर आप शुरुआत करना चाहते हैं, तो दिन में दो कप हरी चाय को अपनी दिनचर्या में शामिल करें — धीरे-धीरे इसे चार तक बढ़ाएँ।
भारत में इसे अपनाना कितना आसान है?
बहुत आसान — क्योंकि हमारे यहाँ पहले से ही कई “ग्रीन” तत्व मौजूद हैं।
हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ (पालक, मेथी, सरसों, चौलाई)
हर्बल ग्रीन-टी या तुलसी-टी
मंकाई के विकल्प के रूप में मोरिंगा, स्पिरुलिना या माइक्रोग्रीन्स
अखरोट, बादाम, अलसी-बीज
जैतून तेल या सरसों तेल
बस अपने आहार से लाल मांस और प्रोसेस्ड फूड घटाएँ, और हरे तत्वों को रोज़ का हिस्सा बनाइए।
क्या इसे अपनाना सुरक्षित है — या डॉक्टर की सलाह जरूरी है?
हालांकि यह आहार सुरक्षित और प्राकृतिक है, लेकिन यदि आपको डायबिटीज़, थायरॉयड या किडनी से जुड़ी समस्या है, तो डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह ज़रूर लें। क्योंकि पॉलीफेनॉल-समृद्ध आहार कुछ दवाओं के असर को प्रभावित कर सकता है।
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क्या यह भविष्य में Alzheimer’s और Dementia जैसे रोगों को रोक सकता है?
शोध अभी शुरुआती स्तर पर है, लेकिन संकेत आशाजनक हैं।
ग्रीन-MED आहार से सूजन कम होती है, मस्तिष्क-रक्त प्रवाह सुधरता है, और न्यूरॉन्स की रक्षा होती है — ये तीनों ही Alzheimer’s और Dementia के जोखिम घटाने में मददगार हैं।
यानी अगर इसे लंबे समय तक अपनाया जाए, तो यह “Brain-Protective Lifestyle” बन सकता है।
क्या भारत में इस पर शोध या उत्पाद उपलब्ध हैं?
भारत में अभी मंकाई का व्यापक प्रयोग नहीं हुआ है, लेकिन कुछ पोषण-ब्रांड माइक्रोग्रीन-आधारित शेक्स और पौधे-प्रोटीन सप्लिमेंट्स लॉन्च कर रहे हैं। साथ ही, भारतीय शोध संस्थान अब पौधे-आधारित प्रोटीन स्रोतों पर कार्य कर रहे हैं ताकि स्थानीय “Green MED” मॉडल विकसित किया जा सके।
क्या सिर्फ आहार से दिमाग़ युवा रह सकता है?
नहीं — दिमाग़ को युवा रखने के लिए “Whole-Lifestyle Approach” ज़रूरी है। संतुलित नींद, रोज़ाना व्यायाम, ध्यान या योग, और सामाजिक जुड़ाव (social interaction) भी उतने ही जरूरी हैं। आहार इनमें सहायक भूमिका निभाता है, अकेले नहीं।
आगे क्या — और यह आपके लिए कितना संभव है?
आपको अपनी प्लेट में केवल “थोड़ा-सा बदलाव” चाहिए —
सुबह-शाम ग्रीन-टी,
भोजन में हरी सब्ज़ियाँ और अखरोट,
सप्ताह में कुछ बार फिश या पौधे-प्रोटीन,
और प्रोसेस्ड मीठे पेयों को ना।
यह छोटे-छोटे बदलाव ही आपके मस्तिष्क की उम्र को 5-7 साल तक पीछे खींच सकते हैं — यही अध्ययन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
निष्कर्ष: क्या “ग्रीन-MED” आपका अगला ब्रेन-बूस्ट मंत्र हो सकता है?
अगर आप अपने मस्तिष्क को आने वाले दशकों तक तेज़ और सक्रिय रखना चाहते हैं, तो यह आहार एक व्यावहारिक और वैज्ञानिक तरीका है।
हरी चाय की हर चुस्की, पौधे-आधारित प्रोटीन की हर सर्विंग और लाल मांस से दूरी — ये तीन कदम आपको “स्मार्ट एजिंग” की राह पर ले जा सकते हैं।
जैसा कि शोधकर्ता Anat Meir ने कहा:
“रक्त में पाए जाने वाले प्रोटीन यह दिखाते हैं कि जीवनशैली परिवर्तन से हम मस्तिष्क-बुढ़ापे को धीमा कर सकते हैं — यानी दिमाग़ भी वही खाता है जो आप खाते हैं।”
संदर्भ
Pachter D., Meir A. Y., Kaplan A. et al. Clinical Nutrition, 2025.
Harvard T.H. Chan School of Public Health News, Sept 2025.
Medical News Today, Sept 2025.
Science Daily, 2025.
PMC (US National Library of Medicine), 2022.
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।
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