मलेरिया पर काबू: WHO ने मंज़ूर की दो सुपर वैक्सीन R21 और RTS,S | बच्चों की ज़िंदगी में नई उम्मीद
मलेरिया से जंग में दुनिया ने हासिल की ऐतिहासिक जीत! विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दो प्रभावी और सुरक्षित मलेरिया वैक्सीन — RTS,S (Mosquirix) और R21/Matrix-M — को बच्चों में उपयोग के लिए मंज़ूरी दे दी है। इन दोनों वैक्सीन ने लाखों बच्चों की जान बचाने की दिशा में नई उम्मीद जगाई है। अफ्रीका और एशिया जैसे उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों में ये टीके तेजी से मलेरिया संक्रमण को रोकने में सक्षम साबित हो रहे हैं। RTS,S को GSK ने और R21 को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी एवं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने मिलकर विकसित किया है। इनकी खासियत है — तेज़ असर, बेहतर सुरक्षा और आसान उपलब्धता, जिससे यह मानवता की सबसे घातक बीमारियों में से एक के खिलाफ निर्णायक हथियार बन सकती हैं।
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मच्छरों से डरो मत! आ गई हैं दो सुपर वैक्सीन: R21 और RTS,S
प्रस्तावना: इतिहास का सबसे बड़ा चिकित्सा नवाचार –
क्या है यह नई पहल
यह ऐतिहासिक क्षण मलेरिया के खिलाफ वैश्विक युद्ध में एक अभूतपूर्व प्रगति का प्रतीक है, जहाँ RTS,S (जिसे मॉसक्विरिक्स भी कहा जाता है) और R21/Matrix-M नामक दो अत्यंत प्रभावी और सुरक्षित टीकों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा बच्चों में मलेरिया की रोकथाम के लिए अनुशंसित किया गया है।
कौन होंगे लाभान्वित
विश्व भर में लाखों बच्चे, विशेषकर उप-सहारा अफ्रीका और अन्य उच्च मलेरिया संचरण क्षेत्रों में रहने वाले वे समुदाय जो इस बीमारी के कारण मृत्यु और गंभीर रुग्णता (morbidity) के उच्चतम जोखिम का सामना करते हैं, इन मलेरिया वैक्सीन से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे।
कब शुरू हुई यह सफलता
RTS,S को 2021 में और R21/Matrix-M को इसके शीघ्र बाद व्यापक उपयोग के लिए अनुशंसित किया गया, जो वर्षों के गहन नैदानिक परीक्षणों (Clinical Trials) और लाखों खुराकें दिए जाने के पायलट कार्यक्रमों की समीक्षा के बाद संभव हो सका।
कहाँ हो रहा है कार्यान्वयन
मलेरिया के सबसे अधिक बोझ वाले अफ्रीकी देश जैसे घाना, केन्या, और मलावी इन टीकों के कार्यान्वयन में अग्रणी रहे हैं, लेकिन अब इन टीकों का वितरण विश्व के उन सभी स्थानिक (endemic) क्षेत्रों तक विस्तारित होने की उम्मीद है जहाँ परजीवी प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम का खतरा अधिक है।
क्यों जरूरी हैं ये टीके
मलेरिया, हर साल लाखों बच्चों की जान लेने वाला एक सबसे बड़ा हत्यारा बना हुआ है, और इन टीकों की आवश्यकता इसलिए थी क्योंकि दशकों से चले आ रहे मच्छर नियंत्रण और एंटीमलेरियल दवा प्रतिरोध की चुनौती से निपटने के लिए एक नए और शक्तिशाली हथियार की सख्त जरूरत थी।
कैसे काम करते हैं ये टीके
ये टीके प्लाज्मोडियम परजीवी के जीवनचक्र के उस चरण को लक्षित करते हैं जब वह यकृत (liver) में प्रवेश करने की तैयारी करता है, इस प्रकार संक्रमण को रक्तप्रवाह तक पहुँचने और जानलेवा बीमारी पैदा करने से पहले ही रोक देते हैं। पाठकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सूचना यह है कि, इन दोनों टीकों की उपलब्धता अब लाखों जीवन बचाने की आशा को बल देती है, क्योंकि वैज्ञानिक प्रमाणों ने उनकी सुरक्षा और प्रभावशीलता (Safety and Efficacy) को संदेह से परे सिद्ध कर दिया है।
मलेरिया का संदर्भ: एक वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती के आंकड़े
मलेरिया केवल एक बुखार नहीं है; यह एक परजीवीजनित (parasitic) रोग है जो गरीबी को पोषित करता है और स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी बोझ डालता है। मलेरिया के आँकड़े आज भी बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ग्लोबल मलेरिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में दुनिया भर में लगभग 249 मिलियन मलेरिया के मामले दर्ज किए गए, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 608,000 मौतें हुईं। इन मौतों में से 80% से अधिक पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों की थीं, जो इस बात को स्थापित करता है कि यह रोग सबसे कमज़ोर आबादी को सबसे अधिक प्रभावित करता है।
परिचय: हमारा मच्छर दुश्मन और उसके नए डर
क्या आपने कभी सोचा है कि मलेरिया कैसे होता है? यह एक बीमारी है जो मादा मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर हमारे खून में एक प्लाज्मोडियम नाम का छोटा-सा परजीवी (एक छोटा जीव) डाल देता है। यह परजीवी हमें बहुत बीमार कर देता है—तेज बुखार, ठंड लगना और कभी-कभी तो यह इतना खतरनाक हो जाता है कि बच्चे इससे मर भी सकते हैं।
मलेरिया पिछले कई सालों से हमारे बचपन का दुश्मन रहा है, खासकर अफ्रीका और एशिया के देशों में। हर साल, लाखों बच्चे बीमार होते हैं।
मगर अब, वैज्ञानिकों ने इस दुश्मन से लड़ने के लिए दो सुपर हथियार तैयार किए हैं! इन हथियारों का नाम है: RTS,S और R21/Matrix-M। ये कोई दवाई नहीं, बल्कि मलेरिया वैक्सीन (Malaria Vaccine) हैं।
सबसे ज़रूरी बात: अब हमारे पास ये दो टीके हैं जो बच्चों को मलेरिया से सुरक्षित रखेंगे। ये दोनों टीके सुरक्षित हैं और मलेरिया को रोकते हैं।
वैक्सीन की कहानी: ये टीके क्या करते हैं?
मलेरिया के टीके हमारे शरीर की पुलिस यानी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत बनाते हैं।
1. RTS,S (मॉस्क्विरिक्स): सबसे पहला सुरक्षा कवच
कौन लाया? इसे एक बड़ी कंपनी जीएसके (GSK) ने बनाया है।
यह क्या करता है? जब मच्छर काटता है, तो परजीवी पहले हमारे जिगर (Liver) यानी कलेजे के पास जाता है। RTS,S हमारे शरीर को सिखाता है कि इस परजीवी को जिगर में घुसने से पहले ही कैसे पकड़ना और खत्म करना है।
कितना असरदार? इसने लाखों बच्चों को गंभीर मलेरिया से बचाया है। दुनिया की स्वास्थ्य संस्था WHO ने कहा कि "हाँ, यह टीका बहुत अच्छा है और बच्चों को ज़रूर मिलना चाहिए।"
2. R21/Matrix-M: ज़्यादा ताकत वाला दोस्त
इसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने भारत की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के साथ मिलकर बनाया है।
यह क्या करता है? R21 भी RTS,S की तरह ही काम करता है, पर यह थोड़ा ज़्यादा ताकतवर है। इसमें ऐसी चीज़ें डाली गई हैं जो हमारी शरीर की पुलिस को ज़्यादा देर तक और ज़्यादा तेज़ी से काम करने में मदद करती हैं।
कितना असरदार? शुरुआती जांचों में यह R21 टीका 75% तक असरदार साबित हुआ है! इसका मतलब है कि यह ज़्यादा बच्चों को बीमार होने से रोक सकता है।
अच्छी बात: इसे बनाने वाली भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट एक बार में बहुत सारी खुराकें बना सकती है, जिससे यह टीका सस्ता होगा और दुनिया के गरीब बच्चों तक जल्दी पहुँचेगा।
आपके सवाल: टीके सुरक्षित हैं या नहीं?
क्या ये टीके सुरक्षित हैं? (Are they safe?)
हाँ! हजारों बच्चों पर टेस्ट करने के बाद ही WHO ने इन्हें इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है।
साइड इफेक्ट (Side-effects): बच्चों को हल्का बुखार या इंजेक्शन की जगह थोड़ी दर्द हो सकती है। ये एकदम सामान्य बातें हैं और किसी भी टीके के बाद हो सकती हैं। यह कुछ घंटों में ठीक हो जाता है।
बड़ा खतरा नहीं: डॉक्टरों ने पाया है कि इन टीकों से कोई बड़ा या बुरा खतरा नहीं है।
टीके कब लगेंगे? (When will they be given?)
बच्चों को ये टीके चार बार लगाए जाते हैं:
पहली खुराकें तब लगती हैं जब बच्चा 5 से 9 महीने का होता है।
एक बूस्टर खुराक थोड़ी बड़ी उम्र में लगाई जाती है ताकि सुरक्षा लंबे समय तक बनी रहे।
निष्कर्ष: मलेरिया से आजादी का सपना
ये दोनों टीके—RTS,S और R21—मलेरिया के खिलाफ हमारी लड़ाई में सुपरहीरो की तरह हैं।
डॉक्टरों का कहना है:
"टीका लगने का मतलब यह नहीं है कि अब हमें मच्छरों से डरना छोड़ देना चाहिए। हमें अभी भी मच्छरदानी (Mosquito Net) का इस्तेमाल करना चाहिए और अपने घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि पानी में ही मच्छर अंडे देते हैं। टीका और मच्छरदानी मिलकर ही मलेरिया को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं।"
इन टीकों की मदद से, हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले सालों में मलेरिया से मरने वाले बच्चों की संख्या बहुत कम हो जाएगी। हर बच्चे को स्वस्थ बचपन मिलना चाहिए, और ये वैक्सीन उसी सपने को पूरा करने का पहला कदम हैं!
संदर्भ (References)
* Source: World Health Organization (WHO) – Global Malaria Programme and Vaccine Recommendations (RTS,S and R21/Matrix-M).
* Source: The Lancet and New England Journal of Medicine (NEJM) – Published Phase III Clinical Trial Data for RTS,S and R21/Matrix-M.
* Researcher/Developer: GlaxoSmithKline (GSK) for RTS,S/AS01 and Oxford University / Serum Institute of India (SII) for R21/Matrix-M.
* Publication Date: 2021-2024 के दौरान प्रकाशित रिपोर्टों और अनुसंधानों पर आधारित।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।