मौंजारो (Mounjaro) : अब बनी दुनिया की दूसरी सबसे ज़्यादा बिकने वाली दवा

दुनिया भर में मोटापा और डायबिटीज़ के बढ़ते मामलों के बीच अब एक नई दवा ने मेडिकल दुनिया में तहलका मचा दिया है। अमेरिकी कंपनी Eli Lilly की दवा Mounjaro (मौंजारो) अब दुनिया की दूसरी सबसे ज़्यादा बिकने वाली दवा बन गई है। यह दवा न सिर्फ़ ब्लड शुगर को कंट्रोल करती है, बल्कि तेज़ी से वज़न घटाने में भी मदद करती है।

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ASHISH PRADHAN

10/11/20251 min read

मौंजारो (Mounjaro) : अब बनी दुनिया की दूसरी सबसे ज़्यादा बिकने वाली दवा
परिचय:

जब दवा बनी दुनिया की चर्चा का विषय दुनिया की बड़ी फार्मा कंपनियों में जब भी कमाई और असर की बात होती है, तो आमतौर पर कैंसर या हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयों का नाम आता है। लेकिन पिछले दो सालों में एक ऐसी दवा सामने आई जिसने पूरी मेडिकल दुनिया का रुख बदल दिया — “मौंजारो” (Mounjaro)।

यह कोई साधारण दवा नहीं है। यह एक ऐसा इंजेक्शन है जो डायबिटीज़ (शुगर) को भी कंट्रोल करता है और साथ ही वज़न घटाने (Weight Loss) में भी कमाल का असर दिखाता है।इसी वजह से यह आज दुनिया की दूसरी सबसे ज़्यादा बिकने वाली दवा बन चुकी है। कंपनी का नाम है — Eli Lilly (एलाइ लिली), जो अमेरिका की एक मशहूर दवा निर्माता कंपनी है।यह वही कंपनी है जिसने इंसुलिन की खोज के बाद एक और क्रांति खड़ी कर दी है।

क्या है मौंजारो और कैसे काम करती है ये दवा?

मौंजारो एक इंजेक्शन के रूप में दी जाने वाली दवा है जिसमें Tirzepatide (टिर्जेपाटाइड) नाम का सक्रिय घटक होता है।

यह शरीर में दो तरह के हार्मोन पर काम करती है —

GLP-1 (Glucagon-Like Peptide-1)

GIP (Glucose-Dependent Insulinotropic Polypeptide)

ये दोनों हार्मोन शरीर में इंसुलिन के उत्पादन को नियंत्रित करते हैं और भूख पर असर डालते हैं। जब कोई व्यक्ति मौंजारो लेता है, तो यह दवा शरीर को ज्यादा समय तक भरा हुआ महसूस कराती है, भूख कम लगती है और ब्लड शुगर भी नियंत्रित रहता है। यानी एक ही इंजेक्शन से डायबिटीज़ भी कंट्रोल होती है और वज़न भी घटता है।

वज़न घटाने में कैसे मदद करती है मौंजारो?

हम सभी जानते हैं कि मोटापा सिर्फ दिखने की समस्या नहीं है, बल्कि यह ब्लड प्रेशर, शुगर, और दिल की बीमारियों की जड़ बन सकता है। मौंजारो भूख को नियंत्रित कर खाने की मात्रा घटा देती है। साथ ही यह पेट खाली होने की गति को धीमा करती है।

इससे होता यह है कि व्यक्ति को कम भूख लगती है, कम कैलोरी खाता है, और धीरे-धीरे उसका वज़न घटने लगता है। कई रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग मौंजारो 6 महीने या उससे ज़्यादा समय तक लेते हैं, उनका वज़न 15% से 20% तक घट सकता है।

दुनिया में बिक्री के आंकड़े: कमाई में नंबर दो पर मौंजारो

साल 2025 में, मौंजारो ने फार्मा इंडस्ट्री में नया रिकॉर्ड बना दिया। Eli Lilly की ताज़ा वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक, मौंजारो की बिक्री ने अरबों डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है। अब यह दवा दुनिया की दूसरी सबसे ज़्यादा बिकने वाली दवा बन गई है । सिर्फ Ozempic (ओज़ेम्पिक) के बाद, जो नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) कंपनी की दवा है। कई देशों में मौंजारो की डिमांड इतनी ज़्यादा है कि फार्मेसियों में इसका स्टॉक खत्म हो जाता है। कंपनी को उत्पादन कई गुना बढ़ाना पड़ा है ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

कैसे हुई मौंजारो की खोज और मंजूरी

मौंजारो की कहानी शुरू हुई Eli Lilly की लैब में, जहाँ वैज्ञानिक Tirzepatide नामक मॉलिक्यूल पर काम कर रहे थे। उनका उद्देश्य था — एक ऐसी दवा बनाना जो न केवल डायबिटीज़ को कंट्रोल करे बल्कि मोटापा घटाने में भी असर दिखाए।

2022 में अमेरिका की FDA (Food and Drug Administration) ने मौंजारो को टाइप-2 डायबिटीज़ के इलाज के लिए मंजूरी दी। इसके बाद जब क्लीनिकल ट्रायल्स में यह देखा गया कि दवा वज़न घटाने में भी बहुत प्रभावी है, तब इसे Obesity treatment के रूप में भी मान्यता मिल गई। इस एक मंजूरी ने मौंजारो को वैश्विक बाजार में चमका दिया।

क्यों है मौंजारो इतनी लोकप्रिय?
  1. तेज़ असर: कुछ ही हफ्तों में ब्लड शुगर और वज़न दोनों में सुधार दिखता है।

  2. सेलेब्रिटी इफेक्ट: हॉलीवुड और सोशल मीडिया पर कई प्रसिद्ध हस्तियों ने मौंजारो के इस्तेमाल की बात की है। इससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई।

  3. सिंगल डोज़ वीकली इंजेक्शन: इसे सिर्फ सप्ताह में एक बार लेना होता है, जो मरीजों के लिए आसान है।

  4. डबल एक्शन फॉर्मूला: यह डायबिटीज़ और मोटापे दोनों पर एक साथ काम करती है, जो इसे बाकी दवाओं से अलग बनाता है।

डॉ. अजय सिंह, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, दिल्ली के अनुसार —

मौंजारो ने मोटापे और डायबिटीज़ दोनों के इलाज का तरीका बदल दिया है। पहले हमें अलग-अलग दवाएं देनी पड़ती थीं, लेकिन अब एक ही इंजेक्शन दोनों पर असर दिखा रहा है।

क्या हैं इसके साइड इफेक्ट्स?

हर दवा की तरह मौंजारो के भी कुछ दुष्प्रभाव हैं, जैसे —मितली या उल्टी ,पेट में दर्द या गैस ,कब्ज़ या दस्त ,भूख कम लगना ,कभी-कभी थकान

ज्यादातर मामलों में ये असर कुछ दिनों बाद अपने आप कम हो जाते हैं। लेकिन अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

भारत में मौंजारो की स्थिति क्या है?

भारत में Ozempic (Semaglutide) पहले से मौजूद है, लेकिन मौंजारो को अभी CDSCO (Central Drugs Standard Control Organization) से पूर्ण मंजूरी नहीं मिली है।

हालांकि, कई भारतीय फार्मा कंपनियाँ अब Tirzepatide आधारित इंजेक्शन लाने की तैयारी कर रही हैं।

कई डॉक्टरों का मानना है कि मौंजारो के आने से भारत में डायबिटीज़ और मोटापे का इलाज सस्ता और असरदार हो सकता है, क्योंकि यहाँ इन दोनों बीमारियों के मरीजों की संख्या बहुत ज़्यादा है।

भारत में हर छठा वयस्क व्यक्ति मोटापे या डायबिटीज़ से ग्रसित है।

ऐसे में मौंजारो जैसी दवा एक बड़ा बदलाव ला सकती है।

मौंजारो बनाम ओज़ेम्पिक: कौन बेहतर है?

स्पष्ट है कि मौंजारो का असर थोड़ा ज़्यादा है, इसलिए इसे “नेक्स्ट जेनरेशन ओज़ेम्पिक” भी कहा जा रहा है।

फार्मा इंडस्ट्री में बूम — दवाओं का ‘गोल्ड रश’

2025 में Eli Lilly की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा मौंजारो से आया।

कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, केवल मौंजारो ने अरबों डॉलर की बिक्री की, जो इसे Pfizer, Merck और Novartis जैसी दवा कंपनियों की प्रमुख दवाओं से आगे ले गया।

निवेशकों के लिए भी यह दवा “सुपरस्टार” बन गई है।

फार्मा मार्केट में इसे “बिलियन डॉलर बेबी” कहा जा रहा है।

लोगों के जीवन पर असर

कई मरीज जिन्होंने वर्षों से वज़न घटाने की कोशिश की लेकिन असफल रहे, अब मौंजारो के बाद खुद को नया महसूस कर रहे हैं।

अमेरिका में हुए एक सर्वे के अनुसार —

> “80% मरीजों ने कहा कि मौंजारो लेने से उन्हें अपने शरीर पर दोबारा नियंत्रण मिला।”

भारत में भी अगर यह दवा उपलब्ध होती है, तो करोड़ों लोगों की ज़िंदगी बदल सकती है, खासकर उन लोगों की जो डायबिटीज़ और मोटापे दोनों से जूझ रहे हैं।

भविष्य की दिशा — क्या यह ‘जादू की दवा’ है या एक चेतावनी?

मौंजारो ने यह तो साबित कर दिया है कि विज्ञान इंसानी जीवन को बेहतर बना सकता है, लेकिन हर वैज्ञानिक सफलता के साथ ज़िम्मेदारी भी आती है।

अगर लोग इसे बिना डॉक्टर की सलाह के सिर्फ वजन घटाने के लिए इस्तेमाल करेंगे, तो यह नुकसानदायक साबित हो सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि मौंजारो जीवनशैली सुधार (Lifestyle change) का विकल्प नहीं है, बल्कि उसका सहायक है।

यानी — अगर आप दवा लेते हैं, लेकिन खानपान और व्यायाम नहीं करते, तो परिणाम लंबे समय तक नहीं रहेंगे।

निष्कर्ष: विज्ञान की जीत, पर समझदारी की भी ज़रूरत

मौंजारो आज सिर्फ एक दवा नहीं, बल्कि एक उम्मीद बन चुकी है।यह दिखाती है कि विज्ञान इंसान की जटिल बीमारियों से लड़ने की ताकत रखता है।लेकिन साथ ही यह याद रखना भी ज़रूरी है कि हर नई दवा के साथ जिम्मेदारी आती है — सही जानकारी, डॉक्टर की सलाह और संयम के साथ उपयोग। अगर इसका सही इस्तेमाल किया जाए, तो मौंजारो दुनिया को “मोटापे से मुक्त समाज” की दिशा में ले जा सकती है।

संदर्भ (References):
  1. The Guardian — “Mounjaro becomes world’s second-best-selling drug” (Oct 2025)

  2. Reuters Health Report — “Eli Lilly’s Tirzepatide sales hit record high”

  3. Medical News Today — “Mounjaro vs Ozempic: Which is more effective?”

  4. Eli Lilly Official Financial Statement (Q3 2025)

  5. FDA Approval Data Sheet — Tirzepatide, 2022

Disclaimer

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।

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difference between mounjaro and ozempic image
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