स्ट्रॉबेरी से ब्लड शुगर पर नियंत्रण की नई उम्मीद — Prediabetes मरीजों में सूजन और ग्लूकोज़ लेवल में सुधार

एक नए अमेरिकी अध्ययन में यह पाया गया है कि रोज़ाना सीमित मात्रा में स्ट्रॉबेरी खाने से पूर्व-मधुमेह (Prediabetes) से पीड़ित लोगों के ब्लड शुगर और सूजन दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। नेवादा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार, स्ट्रॉबेरी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स और एंथोसायनिन्स शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं और इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं। भारत में तेजी से बढ़ते मधुमेह मामलों के बीच यह अध्ययन बताता है कि “फूड ऐज़ मेडिसिन” का सिद्धांत भविष्य की रोकथाम रणनीति बन सकता है।

PHARMA NEWS

ASHISH PRADHAN

11/2/20251 min read

स्ट्रॉबेरी और ब्लड शुगर मीटर की तस्वीर जो मधुमेह नियंत्रण की नई उम्मीद दिखाती है
स्ट्रॉबेरी और ब्लड शुगर मीटर की तस्वीर जो मधुमेह नियंत्रण की नई उम्मीद दिखाती है

स्ट्रॉबेरी से मधुमेह पर नियंत्रण की नई उम्मीद: Prediabetes में ब्लड शुगर और सूजन कम करने में मददगार साबित हुईं

परिचय

हाल ही में अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नेवादा, लास वेगास में किए गए एक अध्ययन ने यह दिखाया है कि रोज़ाना स्ट्रॉबेरी का सेवन पूर्व-मधुमेह (Prediabetes) से जूझ रहे लोगों में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। यह अध्ययन 28 सप्ताह तक चला और इसमें पाया गया कि जो लोग रोज़ाना लगभग 2.5 सर्विंग्स (लगभग 32 ग्राम फ्रीज़-ड्राइड स्ट्रॉबेरी) खाते थे, उनमें रक्त शर्करा के स्तर और सूजन संकेतकों (inflammatory markers) में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।

अध्ययन की प्रमुख बातें

इस शोध में 25 वयस्कों को शामिल किया गया था, जिनके ब्लड शुगर स्तर सामान्य से अधिक थे लेकिन वे अभी डायबिटीज़ के मरीज नहीं बने थे। प्रतिभागियों ने दो चरणों में अध्ययन पूरा किया — एक चरण में उन्हें स्ट्रॉबेरी दी गई और दूसरे चरण में नहीं।

परिणामों में पाया गया कि:

  • फास्टिंग ब्लड शुगर (Fasting Glucose) में कमी आई।

  • एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम्स (जैसे GSH और SOD) का स्तर बढ़ा।

  • सूजन से जुड़ी प्रोटीनें (ICAM और VCAM) में गिरावट दर्ज हुई।

  • कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं देखा गया, केवल हल्की पाचन असुविधा कुछ प्रतिभागियों में रही।

शोधकर्ताओं का कहना है कि स्ट्रॉबेरी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स, एंथोसायनिन्स और फाइबर शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करते हैं। ये तत्व इंसुलिन की कार्यक्षमता में सुधार लाकर रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

क्या यह मधुमेह की दवा का विकल्प है?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपाय दवाओं का विकल्प नहीं बल्कि सहायक (supportive) रणनीति हो सकता है। पूर्व-मधुमेह के मरीज यदि अपनी दिनचर्या में ताज़े फल जैसे स्ट्रॉबेरी को शामिल करें, तो वे दवा पर निर्भर हुए बिना अपने स्वास्थ्य को बेहतर दिशा में ले जा सकते हैं। हालांकि पहले से दवा ले रहे मरीजों को अपने डॉक्टर की सलाह के बिना कोई परिवर्तन नहीं करना चाहिए।

भारत में इसके मायने

भारत में मधुमेह और पूर्व-मधुमेह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खानपान में असंतुलन और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के बढ़ते प्रयोग ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। ऐसे में स्ट्रॉबेरी जैसी प्राकृतिक खाद्य सामग्री एक सस्ती और सुरक्षित रोकथाम रणनीति बन सकती है।

हालांकि भारत में इसकी उपलब्धता सीमित है, लेकिन स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ने के साथ इसे “फूड ऐज़ मेडिसिन” (Food as Medicine) के रूप में अपनाया जा सकता है।

निष्कर्ष

इस अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि रोज़ाना सीमित मात्रा में स्ट्रॉबेरी का सेवन ब्लड शुगर नियंत्रण, सूजन में कमी और एंटीऑक्सीडेंट स्तर सुधार में सहायक हो सकता है। यह एक सरल और प्राकृतिक तरीका है जो पूर्व-मधुमेह के मरीजों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।

स्रोत:
  • Antioxidants Journal (MDPI, 2025)

  • University of Nevada, Las Vegas Study

  • News Medical & Medical Dialogues Reports (2025)

Subscribe to our newsletter

Get the latest Health news in your box.

Recent Posts

Stay Connected Follow Us

Related Stories

More Stories

Trending Tips