कुकर या फ्रिज में रखा चावल: शुगर कंट्रोल और डायबिटीज़ मैनेजमेंट पर वैज्ञानिक अध्ययन
HEALTH TIPS


क्या कुकर या फ्रिज में रखा चावल शुगर कंट्रोल में बड़ा फर्क डाल सकता है?
भारत में चावल रोज़मर्रा की थाली का अहम हिस्सा है। लेकिन क्या आपको पता है कि चावल की किस्म और पकाने का तरीका आपके ब्लड शुगर और पेट भरे रहने की भावना (satiety) को सीधे प्रभावित कर सकता है? हाल ही में Asia Pacific Journal of Clinical Nutrition (2013) में प्रकाशित एक रिसर्च ने यही साबित किया है।
रिसर्च में क्या पाया गया?
शोधकर्ताओं ने चार तरह के सफेद चावल (जैस्मिन, लॉन्ग ग्रेन, मीडियम ग्रेन और शॉर्ट ग्रेन) को अलग-अलग तरीकों से पकाया:
1. Rice cooker
2. Pressure cooker
3. Oven baking
इसके बाद उन्हें तुरंत और फिर 3 दिन तक फ्रिज में रखकर जांचा गया।
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नतीजे चौंकाने वाले थे
लॉन्ग ग्रेन चावल (rice cooker में पकाकर फ्रिज में रखने पर) → इसमें Resistant Starch (RS) की मात्रा सबसे ज़्यादा पाई गई (~2.5g/100g)।
शॉर्ट ग्रेन चावल (प्रेशर कुकर में तुरंत पकाकर खाने पर) → इसमें RS सबसे कम (~0.2g/100g)।
ज्यादा RS वाले चावल खाने से रक्त शर्करा धीरे-धीरे बढ़ा और लोगों को ज्यादा देर तक पेट भरा महसूस हुआ।
कम RS वाले चावल खाने से ब्लड शुगर तेजी से ऊपर गया और भूख जल्दी लगी।
आम जनता के लिए हेल्थ टिप्स
डायबिटीज या वजन नियंत्रित करने वालों के लिए – कोशिश करें कि लॉन्ग ग्रेन चावल चुनें और उसे rice cooker में पकाएँ।
फ्रिज में स्टोर किया चावल (1–2 दिन तक) RS को बढ़ा सकता है, जिससे ब्लड शुगर पर नियंत्रण बेहतर हो सकता है।
प्रेशर कुकर में बना शॉर्ट ग्रेन चावल – इसका RS सबसे कम होता है, इसलिए डायबिटीज वाले लोगों को इससे बचना चाहिए।
चावल के साथ सब्ज़ी, दाल और प्रोटीन लेने से भी शुगर का असर संतुलित होता है।
निष्कर्ष
चावल को पूरी तरह छोड़ने की ज़रूरत नहीं है। बल्कि किस्म (variety), पकाने की विधि (cooking method) और स्टोर करने का तरीका (storage) बदलकर आप इसे सेहतमंद बना सकते हैं।
स्रोत: Asia Pacific Journal of Clinical Nutrition, 2013 (Yu-Ting Chiu और सहयोगी)
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) नहीं है। किसी भी चिकित्सा निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।